
बलिया। जनपद-बलिया का ऐतिहासिक, पौराणिक एवं परम्परागत महत्व रखने वाला ददरी मेला, जो हजारों वर्षों से कार्तिक पूर्णिमा के पावन अवसर पर आयोजित होता आ रहा है, इस वर्ष विवादों में घिर गया है। प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री व नगर विधानसभा के वरिष्ठ भाजपा नेता आंनद स्वरूप शुक्ल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर ऐतिहासिक ददरी मेला को पूर्व की तरह नगर पालिका अध्यक्ष के नेतृत्व में कराने की मांग किया है।
पूर्व मंत्री ने पत्र में लिखा है कि महर्षि भृगु के प्रिय शिष्य दर्दर मुनि की स्मृति में आयोजित होने वाला यह मेला सदैव से नगर पालिका परिषद बलिया की देखरेख में होता रहा है। नपा अध्यक्ष की अध्यक्षता और सभी सभासदों की सक्रिय भूमिका के कारण मेले की भव्यता और गरिमा निरंतर नई ऊंचाइयों तक पहुंचती रही है।
पूर्व के सभी अध्यक्ष चाहे वह किसी भी राजनीतिक दल से रहे हों या निर्दलीय, ने मेले के आयोजन को सफल बनाने में सदैव महत्वपूर्ण योगदान दिया है। लेकिन इस बार जिलाधिकारी बलिया द्वारा स्वयं की अध्यक्षता में 51 सदस्यीय आयोजन समिति का गठन किया गया है। इसमें नपा अध्यक्ष को केवल विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में रखा गया है, जबकि सभासदों को पूरी तरह से दरकिनार कर दिया गया है।
इस निर्णय से नगर पालिका के निर्वाचित प्रतिनिधियों की भूमिका नगण्य हो गई है, जिससे स्थानीय जनमानस में गहरा असंतोष और क्षोभ व्याप्त है। लोगों का मानना है कि यह कदम निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की अवहेलना है, जिससे शासन-प्रशासन के प्रति समाज में नकारात्मक संदेश जा रहा है।
पूर्व मंत्री ने मांग किया कि स्थानीय लोग और प्रतिनिधि मांग कर रहे हैं कि परंपरा के अनुरूप ददरी मेले का आयोजन पुनः नगर पालिका अध्यक्ष की अध्यक्षता और सभासदों की सामूहिक देखरेख में ही हो, ताकि इस भव्य और ऐतिहासिक मेले की परंपरा अक्षुण्ण रह सके।



