
नवरात्रि पर अंधेरे में डूबे सैकड़ों गांव, उपभोक्ताओं मे आक्रोश
लालगंज(बलिया)। विधुत सब स्टेशन बैरिया की बिजली सप्लाई इन दिनों पूरी तरह बेपटरी हो चुकी है। भीषण गर्मी के बीच बार-बार बिजली गुल रहने से आमजन त्राही-त्राही कर रहे हैं। सोमवार की रात्रि से बाधित दोकटी फीडर की आपूर्ति मंगलवार पूरे दिन तो दूर, रात में भी सामान्य नहीं हो सकी।
अष्टमी के दिन एक ओर सूर्यदेव की टेढ़ी नजर से भारी उमस ने लोगों को बेहाल कर रखा था, वहीं दूसरी ओर बिजली गुल होने से सैकड़ों गांव अंधेरे में डूबे रहे। अष्टमी का व्रत कर रही महिलाएं और पुरुष गर्मी से तड़पते रहे तथा शासन-प्रशासन और बिजली विभाग को कोसते नजर आए।
“नवरात्रि पर ऐसा हाल कभी नहीं”
अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष रंजीत गुप्ता “टिंकू” ने कहा कि भीषण गर्मी में घंटों बिजली न आने से हालात बद से बदतर हो गए हैं। उमस भरी रातों में नींद तक नसीब नहीं हो रही। छोटे बच्चे और बुजुर्ग सबसे अधिक प्रभावित हैं। उन्होंने कहा कि नवरात्रि के त्योहार पर बिजली की ऐसी दुर्दशा कभी नहीं हुई।
शिक्षा, खेती और व्यवसाय पर भी असर
सेमरिया निवासी समाजसेवी प्रदीप श्रीवास्तव ने कहा कि बिजली कटौती का असर सीधे तौर पर शिक्षा और खेती पर पड़ रहा है। जनवरी में बोर्ड परीक्षा है, लेकिन बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। वहीं, आटा चक्की और छोटे लघु उद्योग से जुड़े व्यापारी भी संकट झेल रहे हैं। खेती के लिए पंपिंग सेट और ट्यूबवेल का संचालन भी मुश्किल हो गया है।
“आँख मिचौली से त्रस्त उपभोक्ता”
सोनबरसा निवासी उपभोक्ता तरुण दूबे ने विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि शाम होते ही बिजली आँख-मिचौली खेलने लगती है और देर रात तक नहीं आती। कई बार शिकायत करने के बावजूद विभाग कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा।
आंदोलन की चेतावनी
समाजसेवी व युवा नेता अमित पाण्डेय ने ग्रामीणों की पीड़ा देख विभाग को चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही आपूर्ति व्यवस्था सुचारु नहीं की गई तो वह जनता के साथ आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को कार्यशैली सुधारने की नसीहत भी दी।
वर्षों से अटका/लटका पड़ा है सुधार कार्य
दोकटी फीडर के पचास गाँव का सबसे बुरा हॉल मिश्र के मठिया, सोनवारसा, भगवानपुर, लक्ष्मीपुर, सावनछपरा, भोजापुर, जइ छपरा, श्रीपालपुर, सूर्यभानपुर, चौबे की दलकी, गोपालपुर, शिवपुर, लालगंज, मुरारपट्टी, हृदयपुर,गड़ेरिया, लवंतछपरा,दामोदरपुर,भसौला, नरदरा, जगदीशपुर, सेमरिया,बहुआरा लगनटोला, शिवपुरकपूर दीयर, लच्छूटोला, सुरेमनपुर, दलकी नम्बर -1 चिरंजीछपरा, भेख तिवारी के टोला आदि गाँव बीस घण्टा से छाया रहा अंधीयारा । आम लोगो विभागीय सूत्रों की माने तो बिभाग एवं क्षेत्र के जनप्रतिनिधि द्वारा बीते 10-15 वर्षों से बैरिया सब स्टेशन क्षेत्र की 33 हजार एवं 11 हजार की लाइनें बदलने और नई रूटलाइन बनाने के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च हो चुके हैं। लेकिन हकीकत यह है कि बिजली व्यवस्था आज भी जस की तस बनी हुई है। पुराने लोहे के तार से तो तीस से चालिस वर्ष से बिजली चल गयी किन्तु गाँव मे नयी खींची नही गयी ।
केबिल का एक साल मे ही हो गया बुरा हाल
तार टूटकर गिरना रोजमर्रा की समस्या है। हल्की आंधी-बारिश होते ही बिजली गुल हो जाती है और लोग सहम जाते हैं कि कहीं पोल या तार टूट न गया हो।
बैरिया की बिजली ब्यवस्था पर जनप्रतिनिधियों की चुपी लोगो के गले के निचे नहीं उतर रही है ।



