बलिया

रमज़ान में नन्ही फातिमा का जज़्बा: छह साल की उम्र में रखा 10वां रोज़ा, बनी प्रेरणा

बलिया। रमज़ानुल मुबारक के पावन महीने में इबादत, सब्र और आत्मसंयम का संदेश केवल बड़ों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बच्चों में भी इसकी मनोहारी झलक देखने को मिल रही है। इसी क्रम में शहर के बिशुनीपुर स्थित शिया मस्जिद के सामने रहने वाले दैनिक जागरूक एक्सप्रेस के जिला संवाददाता मु० अहमद हुसैन उर्फ जमाल पत्रकार की छह वर्षीय पुत्री फातिमा ने शनिवार को रमज़ान का 10वां रोज़ा रखकर सभी का दिल जीत लिया।

नन्ही फातिमा के लिए यह रोज़ा खास और यादगार रहा। भोर में उनकी दादी ने उन्हें प्यार से जगाकर सहरी कराई और पूरे दिन रोज़ा निभाने के लिए हौसला बढ़ाया। मासूम उम्र में रोज़ा रखने की इस कोशिश पर दादी की आंखों में खुशी और दुआओं की चमक साफ दिखाई दी। खुशी के इस मौके पर उन्होंने अपनी पौत्री को त्योहारी भी दी, जिससे उसका उत्साह और बढ़ गया।

रोज़ेदार फातिमा को परिवार के सभी सदस्यों ने गले लगाकर मुबारकबाद दी और उसके उज्ज्वल भविष्य, अच्छे स्वास्थ्य व कामयाबी के लिए दुआ की। घर का माहौल इबादत, मोहब्बत और आपसी सौहार्द से सराबोर नजर आया।

इस अवसर पर परिजनों और मोहल्ले के लोगों ने कहा कि इतनी कम उम्र में रोज़ा रखने का जज़्बा न केवल परिवार के लिए गर्व का विषय है, बल्कि समाज के लिए भी प्रेरणादायक संदेश देता है। नन्ही फातिमा का यह कदम इस बात का प्रमाण है कि रमज़ान का पैग़ाम सब्र, अनुशासन और इंसानियत नई पीढ़ी के दिलों में भी गहराई से उतर रहा है।

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